सरदारों का सरदार था वह:राम सहोदर पटेल



सरदारों का सरदार था वह
(भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल का संक्षिप्त जीवन परिचय)
०राम सहोदर पटेल
बरस अठारह सौ पचहत्तर में
अक्टूबर इकतीस को जन्म लिया।
अपने अद्भुत सद्भावों से,
स्वतंत्रता संग्राम को सफल किया।

सरदारों का सरदार था वह,
निर्भय वीर महान था वह
रन कौशल था हिम्मत वाला,
सेना नायक दिलदार था वह।

दृढ़ता पर अविचल रहकर के,
भारत का नव निर्माण किया।
बारडोली का बन शेरेदिल,
कृषकों का उद्धार किया।

कुशल युद्ध संचालन कर,
सरदार उपाधि को प्राप्त किया।
अजेय प्रबल पराक्रम से,
दुश्मन का छक्का छुड़ा दिया।

मानवीय गुणों में थे भरपूर,
निज स्वारथ पर नहीं काम किया।
दयाभाव, अनुशासन से,
जिम्मेदारी का कार्य किया।

अपनी असाधारण  बुद्द्धिमत्ता से,
पांच सौ बासठ रियासतें भंग किया।
अखंड भारत को रच डाला,
नहीं किसी को तंग किया।

प्रेरणा दायक सद्वृत्ति से,
सद्मार्ग दिखाया हम सबको।
प्रखर करें उन भावों को,
जो फर्ज सिखाया हम सबको।

रचनाकार:राम सहोदर पटेल,एम.ए.(हिन्दी,इतिहास)
स.शिक्षक, शासकीय हाई स्कूल नगनौड़ी 
गृह निवास-सनौसी, थाना-ब्योहारी जिला शहडोल(मध्यप्रदेश)

[इस ब्लॉग पर प्रकाशित रचनाएँ नियमित रूप से अपने व्हाट्सएप पर प्राप्त करने तथा ब्लॉग के संबंध में अपनी राय व्यक्त करने हेतु कृपया यहाँ क्लिक करें। कृपया  अपनी  रचनाएं हमें whatsapp नंबर 8982161035 या ईमेल आई डी akbs980@gmail.com पर भेजें,देखें नियमावली ]

टिप्पणियाँ

Pramod K Patel ने कहा…
दिल को छू लेने वाली बात है...................... जो अति सुन्दर.........
Er. Pradeip ने कहा…
बहुत ही सुंदर कविता । अच्छा कंटेंट।

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बचपन की बहार : रिश्तेदारों का प्यार :जनार्दन

वाह रे! चिड़िया तेरा ज्ञान:अखिलेश कुमार की कविता

लौह पुरुष की ऐसी छवि:अनिल पटेल