थैंक्यू टीचर: राम सहोदर
Thank You Teacher “थैंक्यू टीचर” तुम्हारे नाम की पूजा, मैं हरदम दिल से करता हूँ। दिया जो ज्ञान का रोशन, सो थैंक्यू तेरा करता हूँ॥ है शिक्षक शिक्षा देने की कृपा मुझ पर दिखाई जो। इसी से जीना जीवन की कला में, जान भरता हूँ॥ मैं थैंक्यू- थैंक्यू करता हूँ, सदा धन्यवाद करता हूँ। दिया भण्डार बुद्धि का, सो साधूवाद करता हूँ॥ अँधेरे अंध ख्वाबो के अनैतिक अंध नीती से। जगाया ज्योति दर्शन दे, वही एहसान करता हूँ॥ करूं धन्यवाद मैं तेरा या साधुवाद जी भरकर। संवारा साज-सुख साहस सरस सब भोग करता हूँ॥ जनम जननी जगत में दे, जिताई जंग सारा है। सकल जीवन सुधारा, जान डाला तेरा हे श्वास भरता हूँ॥ कृपा की दृष्टि यदि, तुम्हारी न होती तो विकल रहता। पड़ा शोषक के शोषण में सताया जाता रहता हूँ॥ मैं थैंक्यू कहता हूँ शिक्षक शिखर की सीख दीन्ही है। जो खाते ठोकर शिक्षा बिना उन्हें याद करता हूँ॥ अकल के उल्लू बन बैठे, शरण शिक्षक न पाया जो। बिताते पशु सा जीवन हैं उन्हें भी याद करता हूँ॥ तिमिर अज्ञान से निकला, ज्योतिर का राह दीन्हा जो। इसी एहसान के बदले ह्रदय से थैंक्स करता हूँ॥ न हो...