अंक- जनवरी 2023
आपस की बात सुनें भूमिका कविता स्वच्छता शपथ- रामसहोदर पटेल कर्मपथ- इ. प्रदीप जो मैं ठहरा रहा- इ. प्रदीप कुंडलियाँ- राम सहोदर पटेल बघेली कविता बघेली घनाक्षरी~बाप के पीरा आलेख समतामूलक समाज की स्थापना में साहित्य की भूमिका गणतंत्र दिवस: एक सुन्दर संस्मरण [इस ब्लॉग में रचना प्रकाशन हेतु कृपया हमें 📳 akbs980@gmail.com पर email करें।]