चलें गांव की ओर: अंजली सिंह
चलें गांव की ओर (वैश्विक महामारी कोरोना के विशेष संदर्भ में) वर्तमान परिपेक्ष में हम बात करें तो आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रयोग शहरों की तरह गांव में भी होने लगा है। आज गांव का हर परिवार या यों कहें कि गांव में रहने वाला हर व्यक्ति सोशल मीडिया से जुड़ चुका है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। खासकर आज का युवा वर्ग इससे बिल्कुल अछूता नहीं है। वैश्विक महामारी कोरोना के प्रभाव एवं दुष्परिणाम की जानकारी आज जितना शहर में रहने वाले व्यक्ति को है उससे कम गांव के रहवासी को है। इसे हम उसकी एक तरह से अनभिज्ञता या जानबूझकर "आ बैल मुझे मार" जैसी बात कह सकते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के पश्चात 24 मार्च मंगलवार को सभी टीवी चैनलों के माध्यम से एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार जनता को संबोधित करते हुए इस वैश्विक महामारी की ओर बड़ा संकेत किया गया था। प्रधानमंत्री ने चैत्र नवरात्रि के...