रक्षाबन्धन- श्री रामसहोदर पटेल
✨ 🪢 ✨ — रक्षाबन्धन — आया राखी का त्योहार, छाया खुशियाँ बेशुमार। भ्राता भगिनी का त्योहार, निभाना रिश्ता बारम्बार॥ जाति धर्म से परे यह उत्सव, रस्म-रिवाज अनुकूल। भ्रात-भगिन का प्यार उमड़ता, रहे उभय समतूल॥ बना ये रक्षा-सूत्र आधार, निभाना रिश्ता बारम्बार।। बहना बाँधे प्रेम का धागा, भइया की भवि रक्षित हो॥ मनोकामना उज्जवलता की, जीवन सदा सुरक्षित हो। मिले सुख-चैन सदा भरमार, निभाना रिश्ता बारम्बार॥ भ्राता फिर गौरवान्वित हो, बहना पर बलि-बलि जाता है। सुख-शांति सुरक्षा के खातिर, संकल्प-शपथ खा जाता है॥ इसी मतलब का ये त्योहार, निभाना रिश्ता बारम्बार॥ यह मामूली सूत्र नहीं, अटूट प्रेम का बंधन है। अनमोल सूत्र स्नेह भरा, कहलाता रक्षाबंधन है। प्रगाढ़ सम्बन्ध भरा त्योहार, निभाना रिश्ता बारम्बा...