कोविड-19:तीसरी लहर की सुबगुबाहट और हम- आप-डा. ओ. पी.चौधरी
कोविड-19:तीसरी लहर की सुबगुबाहट और हम- आप-डा. ओ. पी.चौधरी किसी ने ठीक ही लिखा है कि जिंदगी कर्कश अनुभवों का पहाड़ होती है।अलग बात है कि इस पहाड़ पर कहीं कहीं सुख के कुछ सुकोमल डूब भी उग जाते हैं। सुख की इन्हीं चंद दूबों की चाहत में उम्र बीत जाती है।ऐसा ही है वर्तमान समय जब हम महामारी से जूझते हुए,अपनों को खोते हुए भी साहस और धैर्य जीवन के प्रति रखते हुए आशा की किरण खोजने में लगे हुए हैं। कोविड का पहला मरीज जनवरी 2020 में केरल में पहचान में आया,फिर तो मार्च,20 से लॉक डाउन की स्थिति और संक्रमितों की संख्या बढ़ने का सिलसिला,उसी दौरान महानगरों से कामगारों का अपने गांव घर जल्दी से पहुंचने की जो आपाधापी हुई वह महामारी से भी ज्यादा भयावह।ऐसी भागदौड़ देश के विभाजन के समय रही होगी।उसके बाद का यह मंजर तो बहुत खौफनाक था।समय बीता, महामारी की रफ्तार सुस्त पड़ते ही लोगों की जिंदगी अपने पुराने ढर्रे की ओर अग्रसर ही हो रही थी,कामगार पुनः अपने काम की तलाश में शहरों की ओर वापस जा ही रहे थे,कुछ पहुंच भी गए थे कि तब तक दूसरी लहर का प्रचंड रूप से प्रकट हो जाना...