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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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बचपन की बहार : रिश्तेदारों का प्यार बात जुलाई 1985 की है , जब खेलते खेलते प्राथमिक पाठशाला कराहिया ( रीवा जिले के ग्राम बारौ का ए...
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लौह पुरुष की ऐसी छवि, न देखि न सोची कभी। आवाज मे सिंह सी दहाड़ थी, हृदय मे कोमलता की पुकार थी।। एकता का स्वरूप जो इसने रचा, ...
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विकास से बात-चीत विकास! तुम अभी भी बच्चे हो। तुम बढ़े नहीं छोटे हो क्यों ? मैं शोषण का शिकार हो गया। इसलिए मेरा व...
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नवरात्र सतीश कुमार सोनी रंगीन, रंगीन यह नवरात्र की बेला, जिस पर ना होगा कोई अकेला। सब मस्ती में रम जाएंगे, और जमकर नाचेंगे अ...
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जीत का संघर्ष जीवन है इंजी. प्रदीप पटेल अंधेरा है, अंधेरा है चिल्लाना जीवन नहीं है, खुद बाती बनकर जलना जीवन है। दूसरों को आदर्श बतान...
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हर रोज एक जंग सुरेन्द्र कुमार पटेल जब टूटकर मैं बिखर गया, लोगों ने कहा तू निखर गया लड़ रहा अपने आप से ही सोचता हूँ मैं गलत तो न...
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दोस्ती के लिए सुरेन्द्र कुमार पटेल न शोहरत की तमन्ना है न धन-दौलत चाहिए राह हो मेरी कठिन तो क्या मंजिल तुम्हें म...
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ऐसा भ्रम तुम नहीं पालो सुरेन्द्र कुमार पटेल आया था जो वो पल , वो पल तुम सम्हालो आएगा फिर से वो पल ऐसा भ्रम तुम नहीं पालो ...
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करमा गीत चला चली स्कूल शिक्षा पावै का रे! शिक्षा पावै का आर! शिक्षा पावै का रे। चला चली स्कूल शिक्षा पावै का रे॥ बिना पढ़े...
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गांवों का चाल-चलन शहर का अनुगामी होता है परन्तु पिछले कुछ वर्षों से गांवों के चाल-ढाल में अचानक परिवर्तन आ गया है। गांव के लोग अब सब...
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