आपस की बात सुनें ब्लॉग पर प्रकाशित कविताएँ पढने के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें.
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
-
राही लौट जा इस राह से बाग में जो फूल खिले थे। अब वह फूल नहीं हैं। मिलने की आस थी जिनकी अब वही मीत नहीं हैं। राही लौट जा इस रा...
-
ऐसा भ्रम तुम नहीं पालो सुरेन्द्र कुमार पटेल आया था जो वो पल , वो पल तुम सम्हालो आएगा फिर से वो पल ऐसा भ्रम तुम नहीं पालो ...
-
कौन कहता है नहीं बदले हैं हम। सादगी छोड़कर विलासिता में डूबे हैं हम। नए नए अविष्कार करके बहुत आगे हैं हम। वह दौर और था जब, पी...
-
महाबलिदानी टंट्या भील भारत भुइया मां आ टंट्या मामा , भारत भुइया मां- 2 मध्यप्रदेश के जिला खण्डवा जन्मभूमि कहलाया- 2 अठारह सौ तैत...
-
पर्यावरण विवर्ण हुआ रमेश प्रसाद पटेल मानव सुनो विषैली गैसें, विश्व युद्ध सी उदित हुई। पर्यावरण प्रदूषित करते, वायु में अंतर्निहित...
-
प्रेम — राम सहोदर पटेल प्रेम — श्री राम सहोदर पटेल दोहा प्रेम बनाए काम सब, प्रेमहि सुख आधार । ...
-
कर उनकी जय-जयकार कलम तूं कर उनकी जय-जयकार कलम तू, सरहद पर जान गमाते जो। जो मा...
-
हाय! मजदूर की भारी दुर्दशा, धरती न अम्बर में घर बसा । तन, वस्त्र पसीने से भींगे जब होती भारी गर्मी, काम नहीं छोड़ते, चाहे ठंडी मे...
-
" मुक्ति का मार्ग शिक्षा" शिक्षा है कल्पवृक्ष , शिक्षा सागर मंथन का सार। शिक्षा से है मुक्ति मार्ग , शिक्षा है ...
-
ज़रा याद करो कुर्वानी =============== जो पाल पोषकर समृद्ध किया, जीवन का सब दांव लगाकर | दुःख--दर्दों को पीया है जिसने, प्...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें