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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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Beautiful poems on labour day 1. किसान है क्रोध ••••••••••••••••• निंदा की नज़र तेज है इच्छा के विरुद्ध भिनभिना रही हैं बाज़ार की मक्खियाँ अ...
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प्रेम — राम सहोदर पटेल प्रेम — श्री राम सहोदर पटेल दोहा प्रेम बनाए काम सब, प्रेमहि सुख आधार । ...
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कर उनकी जय-जयकार कलम तूं कर उनकी जय-जयकार कलम तू, सरहद पर जान गमाते जो। जो मा...
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[इस ब्लॉग में रचना प्रकाशन हेतु कृपया हमें 📳 akbs980@gmail.com पर इमेल करें अथवा ✆ 8982161035 नंबर पर व्हाट्सप करें, कृपया देखें- नियमावली...
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उपन्यास एवं कहानी सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी - डी .ए.प्रकाश खाण्डे ==================================== मुंशी प्रेमचन्द हिन्दी साहित्य के ...
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दो कविताएं (1) आओ मिलकर धरा सजाएं शस्य श्यामला धरा हमारी, अनुपम छटा, प्रकृति की प्यारी। आओ मिलकर इसे स...
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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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तनावमुक्त जीवन कैसेजियें? तनावमुक्त जीवन आज हर किसी का सपना बनकर रह गया है. आज हर कोई अपने जीवन का ऐसा विकास चाहता है जिसमें उसे कम से कम ...
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कोविड-19:तीसरी लहर की सुबगुबाहट और हम- आप-डा. ओ. पी.चौधरी किसी ने ठीक ही लिखा है कि जिंदगी कर्कश अनुभवों का पहाड़ होती है।अलग ब...
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फगुनाहटी बघेली कविता सनन्-सनन् सुर्रा चलय, बिरबा झारैं पात। लगत झकोरा हिय कंपै,फगुनाहटी कय बात।। कबौ निचंदर कबौ बदरिया,कबौ बरसि चंहदर्रा। क...

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