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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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एक बच्चे की पुकार 1 ना चाही राजपाट, ना चाही देवालय। करो हमारी मदद, तो बनवा दो विद्यालय। 2 किताबों मे...
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आरे का जंगल मन बहुत अकुला जाता है जब जंगल कट जाता है आरे का, नियमों का प्रयोग होता ऐसे, जैसे संविधान हुआ है भाड़े का। विकास ना...
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1. यथार्थ रेशम से बाल मक्खन से गाल मोती से दांत कंचन से हाथ नहीं देंगे साथ। बाल होंगे सन की सुतली गाल हो जाएंगे दही स...
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जा कोराना अब तो जा मुश्किल बड़ी है पार पाना , जा कोरोना अब तो जा। झकझोर डाला झार डाला, मार डाला अब तो जा ॥ निष्ठुर बड़ा तू दण्...
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संगठन की शक्ति से, देश और समाज की भक्ति से, एकता के भाव से, निश्छल स्वभाव से।। तकदीर बदल जाएगी........ शिक्षा के प्रसार से, अशि...
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देश आजाद हुआ देश आजाद हुआ, देश में हुआ प्रभात। तुम चिरनिद्रा से जागो, उठाओ अब अपना माथ। अंगेजों से लड़ाई में, तुम्हारा भी...
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आत्मप्रयास एक दुखद विमर्श जो छा जाता है, कई विद्रूपताओं को बाहर लाता है। जीवन के रास्ते छोटे पड़ जाते हैं, पड़ाव ही ...
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समर अभी शेष है समर अभी शेष है , शेष हैं अवशेष सांसें। ठोकरों ने मुस्कुराया , चलो फिर चले थे जहां से॥
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माँ मेरे मन की बगिया में इक नूतन फूल लगा देना, सद्भावों की गीत बुनाकर हृत मेरा सजा देना। फूल बनकर कल उभरूँगा, तेरे चरणों के रजकण से...
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वर्षों पहले ताबीज वाले बाबा से मुलाकात हुई थी। उसने बिना पूछे मेरे बारे में कई घोषणाएं की थी। उसके बाद कई वर्षों तक जब भी मेरे साथ कुछ ह...

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