कोरोना :डी. ए .प्रकाश खाण्डे

पैदा  होकर वुहान से जापान चला गया,
जापान ने  जाना तो सूडान  चला गया।

जग ने कर ली  है तैयारी तेरे दफ़न की, 
कोरोना सुनते  ही भूटान  चला  गया ।

आया है कोरोना, कोई शहर घूमे मजाल  नहीं।
चरती है मुर्गी चैन से, बकरा भी हलाल नहीं।

शुक्र है खुदा  तेरी  खिदमत -वफाई  पर ,
होती है लड़ाई इस दरमियान, पर बवाल  नहीं।

काल है कोरोना तूने जग में  बवाल किया,
बच्चे पढ़े थेसाल भर,मन में मलाल किया।

सरहदें तो लांघी है  अमीरो ने ऐ रोग,
गरीबो के पेट में क्यों तूने जंजाल किया।

रोग मिटाने की अभी तक दुनिया को दवा न मिली।
शासन उठा रही कदम, लेने को सांस हवा न मिली।

लॉकडाउन से सम्हला भारत दुनिया में कमाल किया।
दुनिया की कर रहा मदद उनसे न कोई सवाल किया।


रचना-डी. ए .प्रकाश  खाण्डे  शासकीय कन्या शिक्षा  परिसर पुष्पराजगढ़  , जिला  - अनूपपुर  मध्यप्रदेश   

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