अच्छा-अच्छा सोचो जी: धर्मेंद्र कुमार पटेल



अच्छा अच्छा सोंचो जी
🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔

जो करता है वो भरता है,
अच्छा अच्छा सोंचो जी।
दुनिया से जब जाना तय है,
तो मीठा मीठा बोलो जी।।
अच्छा अच्छा सोंचो .....

हंसी - खुशी से जीवन जी लो,
याद यही तो आएगा।
अमन चैन से रहना सीखो,
 झगड़े टंटे छोड़ो जी।।
अच्छा अच्छा सोंचो......

जलना, कुढ़ना, नफरत, धोखा,
तकलीफें ही देता है।
प्यार ,मोहब्बत के दरवाजे,
अपने अपने खोलो जी।।
अच्छा अच्छा सोंचो......

मिलना- जुलना,आना -जाना,
मीठा मीठा बतियाना।
जरा जरा सी बात पकड़ कर,
रिश्ते यूं न तोड़ो जी।।
अच्छा अच्छा सोंचो......

रब ही जाने ,जाने कैसी,
फितरत है इंसानों की।
कदम कदम पर क्यूं देते हैं,
अपनों को ही धोखा जी।।
अच्छा अच्छा सोंचो......

आपका भाई धर्मेन्द्र कुमार पटेल✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
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टिप्पणियाँ

Er. Pradeip ने कहा…
सुंदर संदेश, अच्छा अच्छा बोलो जी
Unknown ने कहा…
बहुत हीं बेहतरीन कविता बधाई हो आपको

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