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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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प्रेम — राम सहोदर पटेल प्रेम — श्री राम सहोदर पटेल दोहा प्रेम बनाए काम सब, प्रेमहि सुख आधार । ...
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शोभा न पाता है बिना आयुध के रन में शूर भी शोभा न पाता है। बिना मंत्री के राजवाड़ा स...
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विषय - श्रेष्ठाचरण सुशोभित करें दुष्ट की दुष्टता कभी जाती नहीं, चाहे कितनी भी विद्या सुशोभित करे। विष ...
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कर उनकी जय-जयकार कलम तूं कर उनकी जय-जयकार कलम तू, सरहद पर जान गमाते जो। जो मा...
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कविताएँ — रजनीश कुमार जायसवाल कविताएँ — रजनीश कुमार जायसवाल कौन धुलेगा...? तुम्हारा पाप! पीड़ित जनता!! और शोषण स...
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दीपों की झिलमिल रोशनी अंजली सिंह जहां दीपों की झिलमिल रोशनी हो, जहां गोबर से लीपित द्वार और आंगन हो, जहां फसलों से सज...
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मुक्तक शोषण के ज़हर से कुंडलनी और ग्रंथियाँ सूख चुकी हैं उनमें न रंध्रों के रिसाव हैं और न ही जीवन के लिए झुकाव। -® एक आदमी धोखा देता...
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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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जिसकी मनमोहक सुबह, और सुहावनी शाम है। विश्वगुरु, यशवान, सूरज-सा — भारत मेरा महान है। विश्व-प्रसिद्ध नाम इसका, पौरुष बनी पहचान है। सांस्कृतिक...


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