बेटी बचाओ


बेटी बचाओ
रमेश प्रसाद पटेल
सब लोग समझें अपनी जिम्मेदारी,
कन्याएं जग में लाती हैं  उजियारी। 
सजाओ दीप कन्याओं का उत्थान करो, 
जन्म होते मंगल गीतों का गान करो। 

मंगलमय जीवन हो और सुखकारी, 
कन्याए जग में लाती हैं उजियारी। 
मानवता इसी में है कन्याओं को बचाना है, 
कन्याओं को देवी सरीख-सा आगे बढ़ाना है। 

जगत में छा जाए शुभ मंगलचारी, 
कन्याएं जग में लाती हैं  उजियारी। 
तब तुम सम्मान जीवन में पाओगे, 
कन्याओं को जब संकट से बचाओगे। 

संकट से उबारो  यही है उपकारी, 
कन्याएं जग में लाती हैं  उजियारी। 
युग निर्माण कन्याओं के द्वारा होता, 
उन्नति पथ और नया समाज बनता। 
कन्याएं हर  के घर की राजदुलारी, 
कन्याएं जग में लाती हैं उजियारी।
रचना:रमेश प्रसाद पटेल, माध्यमिक शिक्षक 
पुरैना, ब्योहारी जिला शहडोल (मध्यप्रदेश)
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