हाइकु : अविनाश सिंह


🌱🌱 *हाइकु*🌱🌱🌱
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निभाना रिश्ते
निःस्वार्थ के भाव से
सच के साथ।

प्यारी दुल्हन
पूछे बड़े भाई से
कब है ब्याह।

नेता भाषण
होते कही कड़वे
गोली बम से।

मिटा दो नाम
करे जो बदनाम
देश महान।।

कोरोना काल
प्रकृति खुशहाल
लोग बेहाल।

गाँव की हवा
नही उसमें धुँआ
दे सुख चैन।

बेटी सा धन
फिर भी लोग बेचे
लोग खरीदे।

बाग बगीचे
हुए रंग बिरंगे
मन को भाए।

स्वर्ग नरक
जीवन के दो द्वार
स्वयं से चुनों।

वक़्त की मार
झेलते मजदूर
है बेकसूर।

©अविनाश सिंह
नई दिल्ली।

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