पर्यावरण: बी एस कुशराम


पर्यावरण
हमने मन में ठाना है ,पर्यावरण बचाना है-2
आओ सब मिल पेड़ लगाए धरती में हरियाली लाए
वायु प्रदूषण करें नियंत्रण ,स्वच्छता का लेवे हम प्रण।
यह प्रण हमें निभाना है ,पर्यावरण बचाना है-2
चिड़ियों को दें दाना पानी,ना पहुंचाएं इनको हानी।
रंग बिरंगी चिड़िया आयें,ऐसा उपक्रम हम अपनायें॥
इनको हमें रिझाना है,पर्यावरण बचाना है-2
माना प्रगति हैअति आवश्यक,अति लोलुपता बना विनाशक।
सीमा रहित करते हैं दोहन,प्रदूषण को नहि करते नियंत्रन॥
उद्योगों को अब चेताना है,पर्यावरण बचाना है-2
हर मौसम अब होते विचलित,वर्षा जाड़ा धूप नहिं संयमित।
इसका कारण मात्र मानव मन,धरती का करता विच्छेदन॥
'कुशराम;तो यह माना है ,पर्यावरण बचाना है।
हमने मन में ठाना है ,पर्यावरण बचाना है॥
बी एस कुशराम
प्रभारी प्राचार्य बड़ी तुम्मी
मो07828095047,9669334330


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टिप्पणियाँ

बेनामी ने कहा…
बहुत अच्छा

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