वर्तमान का महत्व:संदीप सिंह का आलेख
वर्तमान का महत्व प्रायः समय के महत्व की चर्चा की जाती है. हमारे महापुरुषों ने भी अपने विचारों में समय के महत्व को शामिल किया है. महात्मा गाँधी कमर में घडी लटकाया करते थे जो समय का प्रतीक थी. परन्तु क्या हम जानते हैं कि समय भूत और भविष्य में नहीं होता। समय केवल वर्तमान में ही होता है। जीवन का अस्तित्व समय से बाहर और समय से भिन्न नहीं होता है। जीवन वर्तमान में ही जिया जा सकता है। जीवन के सुख-दुख वर्तमान में ही होते हैं। जीवन की सफलता-असफलता वर्तमान में ही होती है। वर्तमान क्या है? आज और अभी! यही तो वर्तमान है। यदि हमारा आज अच्छा है तो आने वाला कल भी अच्छा होगा। यदि हमारा आज अच्छा नहीं है तो आने वाला कल भी अच्छा नहीं होगा। भूतकाल की भूलों को सुधारने तथा भविष्य का निर्माण करने के लिए भी हमें वर्तमान पर ध्यान देना होगा। उसका समुचित उपयोग करना होगा। वर्तमान का उपयोग करने के लिए सबसे पहले वर्तमान के महत्व को समझना होगा। मन को एक ही ठीक-ठीक समझा देना होगा कि आज और अभी के अतिरिक्त जीव निर्माण का, सुख-शांति एवं सफलता का और कोई अवसर हमें नहीं मिलेगा, नहीं मिल सकता। हम जीवन...