पानी है ऐसा: बालमन आर्यन की कविता
पानी है ऐसा
आर्यन पटेल
पानी हमारे लिए बहूत खास है,
पानी जिंदगी के लिए एक आश है।
पानी है ऐसा,
जैसे अमीरों के लिए पैसा।
पानी बुझाती हमारे गले की प्यास है,
जैसे जिंदगी के लिए श्वास है।
पानी को बचाना मेरी ख्वाहिश है,
यहीं से शुरू होती मेरी छोटी-सी आजमाइश है।
पानी हमारे लिए बहुत ही 'मेन' है,
क्योंकि भैया ये प्रकृति की देन है।
पानी का अपव्यय क्यों करते हो
यह बहुत ही है कम,
फिर नहीं बोलना कि हम क्यों हो गए खतम।
दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है,
लेकिन पानी बिना कुछ भी संभव नहीं है।
पानी के बिना जिंदगी है अधूरी,
क्योंकि ये जिंदगी के लिए है जरूरी।
पानी से बढ़ रही है इंसान की दूरी,
इसे कभी न बनने देना मजबूरी।
पानी को करें एकत्रित उसको व्यर्थ न बहाएँ,
चलो आज हम पानी के लिए एक नारा लगाए।
"गली-गली में शोर है,
पानी न बचाने वाला हर व्यक्ति चोर है।"
रचना: आर्यन पटेल,
कक्षा-9वीं
ख्रिश्ता ज्योति मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल
गोदावल रोड ब्यौहारी, जिला-शहडोल(मध्यप्रदेश)
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टिप्पणियाँ
पानी के गुल्लक में पानी डालेंगे !
तो कल चाहे जितना गुल्ल्क से पानी निकालेंगे !