शिक्षक महिमा
शिक्षक महिमा अज्ञान का तिमिर हरण करके, ज्ञान का दीप जलाते हैं। सत्य, अहिंसा, कर्मठता का, शिक्षक पाठ पढ़ाते हैं॥ कच्ची मिट्टी सा हम होते, गढ़-गढ़ इंसान बनाते हैं। दे सद्गुण, दया, नीति की शिक्षा, जीवन सुफल बनाते हैं॥ एक-एक अक्षर जोड़-जोड़कर, शब्दों का ज्ञान कराते हैं। कभी डाँटते कभी हँसाते, मंज़िल का राह दिखाते हैं॥ मात-पिता तो जन्म हैं देते, शिक्षक सन्मार्ग दिखाते हैं। इस जग में सर्वोत्तम स्थल, शिक्षक ही हमें दिलाते हैं॥ शिक्षक दिवस पर नमन आपको, दिल से हम शीष झुकाते हैं। संस्कार हमें जो दिया आपने, हम जीवन पर्यन्त भुनाते हैं॥ विद्या मंदिर के देव आप हैं, भगवान से बड़ा कहाते हैं। सहोदर भाव जगा जन-जन में, स्वयं का मान बढ़ाते हैं॥ रचनाकार राम सहोदर पटेल पूर्व शिक्षक ग्राम सनौसी पोस्ट खड्डा वाया ब्यौहारी जिला शहडोल मध्यप्रदेश [इस ब्लॉग में रचना प्रकाशन हेतु कृपया हमें 📳 akbs980@gmail.com पर email करें।]