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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा हो...
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प्रेम — राम सहोदर पटेल प्रेम — श्री राम सहोदर पटेल दोहा प्रेम बनाए काम सब, प्रेमहि स...
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शोभा न पाता है बिना आयुध के रन में शूर भी शोभा न पाता है। बिना मंत्री के राजवाड़ा स...
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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा हो...
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दो कविताएं 1. पाखण्ड भारत में पाखंड का बाज़ार है, सदियों से चल रहा व्यापार है। देवी-देवताओं की गणना हज़ार है, बारी-बारी से ये पा रहे सत्का...
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ऐसा नही है कि आज़ादी जीत ली और संघर्ष करने को कुछ नही है भारत एक लोकतंत्र बन गया और बनाने को कुछ नही है संविधान मिल गया और पाने को कुछ न...
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होलिकोत्सव (होला का त्यौहार) मन का भावन फाग आया , होलिका धू-धू जली। है बुराई...

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