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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा होई। त...
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राही लौट जा इस राह से बाग में जो फूल खिले थे। अब वह फूल नहीं हैं। मिलने की आस थी जिनकी अब वही मीत नहीं हैं। राही लौट जा इस रा...
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पर्यावरण विवर्ण हुआ रमेश प्रसाद पटेल मानव सुनो विषैली गैसें, विश्व युद्ध सी उदित हुई। पर्यावरण प्रदूषित करते, वायु में अंतर्निहित...
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मुक्तक शोषण के ज़हर से कुंडलनी और ग्रंथियाँ सूख चुकी हैं उनमें न रंध्रों के रिसाव हैं और न ही जीवन के लिए झुकाव। -® एक आदमी धोखा देता...
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गिला नहीं कि तुम हमें कम मिले दोगुनी हुई खुशी जब भी हम मिले, कांटे सजाते हैं गुलाब की आड़ में कांटों से मिले हैं,जब भी हम मिले। गमक...
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तनावमुक्त जीवन कैसेजियें? तनावमुक्त जीवन आज हर किसी का सपना बनकर रह गया है. आज हर कोई अपने जीवन का ऐसा विकास चाहता है जिसमें उसे कम से कम ...
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कन्या, बालिका का पर्यायवाची अर्थ है, बालिका को न पढाया तो कमाना व्यर्थ है । जिस चीज को बालिका अर्जित करेगी, वो ज्ञान है, जिसे अर्जित...
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विषय - श्रेष्ठाचरण सुशोभित करें दुष्ट की दुष्टता कभी जाती नहीं, चाहे कितनी भी विद्या सुशोभित करे। विष ...
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बैसाखी का वह पावन दिन था, पंजाब प्रान्त के अमृतसर में। जलियावाला बाग़ नाम था उसका, हत्याकांड किया जिसमें डायर ने।1 इसके पहले रोले...
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मिले कभी जो भगवान पूछना माँ क्या होती है! कहीं जरा सी भी चोट लगने पर माँ क्यूं रोती है! है माँ अपरिभाषित इस जग में जवाब आयेगा,...
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वर्तमान का महत्व प्रायः समय के महत्व की चर्चा की जाती है. हमारे महापुरुषों ने भी अपने विचारों में समय के महत्व को शामिल किया है. मह...


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