आपस की बात सुनें । apas ki baat sune ।
कविता, कहानी,आलेख आदि पर आधारित साहित्यिक व शैक्षणिक ब्लॉग
प्रेमगीत
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
प्रेमगीत
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
शनिवार, मई 02, 2020
पिया कब आओगे(कविता):मनोज कुमार
›
(1) विरह वेदना विरह वेदना क्या कहूं ? स्वर नहीं है रागों में l बहु कुसुम प्रस्फुटित है, ओ सुमन नही...
शनिवार, अप्रैल 11, 2020
पिय तेरे आने से:कोमल चंद कुशवाहा की कविता
›
पिय तेरे आने से जीवन तरु हरा हुआ है। रोम-रोम हो गया प्रफुल्लित जब से तुमने स्पर्श किया है। अंग अंग रंग चढ़ा प्रेम का भय वियोग...
5 टिप्पणियां:
बुधवार, अप्रैल 08, 2020
श्रृंगार के दोहे: कोमल चंद
›
श्रृंगार के दोहे राधा रानी दान दे मोहन करें सहाय। रस की सरिता मांग लूं जामें रसिक नहाय।।1।। देह धरा उर ताल पर विकसे...
सोमवार, अप्रैल 06, 2020
आओगी न तुम मुझसे मिलने: सुबोध झारिया
›
सुनो ...अ! हम मिलेंगे एक बार जरूर, बुढापे में लकड़ी लेकर, आऊंगा मैं तुमसे मिलने... जानती हो क्यों? क्योंकि उस समय, कोई बंदिशें...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें