आपस की बात सुनें । apas ki baat sune ।

कविता, कहानी,आलेख आदि पर आधारित साहित्यिक व शैक्षणिक ब्लॉग

सोमवार, फ़रवरी 02, 2026

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॥ दगाबाजों से सावधान ॥ चौपाई जब बारी ही फसल उजारे। कर दीजै तब उसे किनारे॥ विश्वासघात अंगरखा हो...
शनिवार, जनवरी 31, 2026

प्रेम: कविता

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प्रेम — राम सहोदर पटेल प्रेम — श्री राम सहोदर पटेल दोहा प्रेम बनाए काम सब, प्रेमहि स...
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सोमवार, जनवरी 26, 2026

कविता: शोभा न पाता है

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शोभा न पाता है बिना आयुध के रन में शूर भी शोभा न पाता है। बिना मंत्री के राजवाड़ा स...
शनिवार, जनवरी 24, 2026

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तुलना का शोर जिंदगी की असंतुष्टि की सारी वजह, बस एक — बेमेल तुलना है। हर इंसान अपने खालीपन को भरने, झांकता है किसी और ...

श्रेष्ठाचरण सुशोभित करें: कविता

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विषय - श्रेष्ठाचरण सुशोभित करें दुष्ट की दुष्टता कभी जाती नहीं, चाहे कितनी भी विद्या सुशोभित करे। विष ...
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रविवार, जनवरी 18, 2026

एक प्रेम गीत

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एक प्रेम गीत कभी वक्त मिले तो आना, दरिया किनारे बैठ तुम्हें, इश्क के अल्फाजों को ...

मन केय पंछी

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मन केय पंछी (अंगिका रचना) चारो तरफ रोशनी, तैय्यो भीतर बहुत अंधेरा छैय; ...
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लूट की कला

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लूट की कला यदि उन्हें मैं सीधे-सीधे व्यापारी कहता, वे पुरज़ोर विरोध करते। मैं इसे गलत नहीं मानता कि वे धन कमाने में बड...
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नीतिपरक दोहे

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नीतिपरक दोहे – राम सहोदर पटेल *नीतिपरक दोहे* ++++++++++ बातन से बातें बने, बातन...
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शनिवार, जनवरी 17, 2026

मुक्तक : रजनीश कुमार

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कविताएँ — रजनीश कुमार जायसवाल कविताएँ — रजनीश कुमार जायसवाल कौन धुलेगा...? तुम्हारा पाप! पीड़ित जनता!! और शो...

जब बेजुबान बोलेंगे

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जब बेजुबान बोलेंगे कभी-कभी तंत्र को देखकर विस्मय होता है, यह कैसा तंत्र है — जो ख्याली बातें करता है, डींगे हांकता ...
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शुक्रवार, जनवरी 16, 2026

मुक्तक

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मुक्तक   शोषण के ज़हर से कुंडलनी और ग्रंथियाँ सूख चुकी हैं उनमें न रंध्रों के रिसाव हैं और न ही जीवन के लिए झुकाव। -® एक आदमी धोखा देता...

जब मनुष्यता भूल जाती है: कविता

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जब मनुष्यता भूल जाती है एक मनुष्य है — जिसे बार-बार बताना पड़ता है, क्या अर्थ होता है मनुष्य होने का। शिक्षक समझाते...
सोमवार, जनवरी 12, 2026

कर उनकी जय -जयकार कलम तूं

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कर उनकी जय-जयकार कलम तूं कर उनकी जय-जयकार कलम तूं कर उनकी जय-जयकार कलम तू, सरहद...
रविवार, जनवरी 11, 2026

अक्षर क्या है?

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अक्षर क्या है? अक्षर क्या है? अक्षर ही सृष्टि का रहस्य है। अक्षर से ही, प्रकटा समाज का दृश्य है। अक्षर से विहीन, हिल...

कविता: गणतंत्र दिवस

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★ गणतंत्र दिवस ★ गणतंत्र दिवस की शुभ वेला में, मैं तुम्हें बधाई देता हूं । यह अमूल्य समय जो दिया आपने, धन्यवाद इसी पर देता...
शनिवार, जनवरी 10, 2026

दो कविताएं

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🇮🇳 देश भक्ति गीत 🇮🇳 बर्बादी हम अपने देश की, नहीं देख सकते तनिकाय। जो भी इस पर आंख उठाये, उसकी आंख निकालूं जाय।। जिसका दाना हम हैं खाते, ...
शुक्रवार, जनवरी 09, 2026

कविता: मेरा भारत महान

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जिसकी मनमोहक सुबह, और सुहावनी शाम है। विश्वगुरु, यशवान, सूरज-सा — भारत मेरा महान है। विश्व-प्रसिद्ध नाम इसका, पौरुष बनी पहचान है। सांस्कृतिक...
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मंगलवार, जनवरी 06, 2026

दो कविताएं

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  दो कविताएं 1. पाखण्ड भारत में पाखंड का बाज़ार है, सदियों से चल रहा व्यापार है। देवी-देवताओं की गणना हज़ार है, बारी-बारी से ये पा रहे सत्का...
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शनिवार, फ़रवरी 18, 2023

तनावमुक्त जीवन कैसे जियें?

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तनावमुक्त जीवन कैसेजियें? तनावमुक्त जीवन आज हर किसी का सपना बनकर रह गया है. आज हर कोई अपने जीवन का ऐसा विकास चाहता है जिसमें उसे कम से कम ...
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